जब secularism की बात की जाती है तो उसके प्रतिवाद में communalism का ज़िक्र आता है. कम से कम भारत में तो यही स्थिति है, सरकार को सेक्युलर होना चाहिए, ये भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ही लिखा गया है, धर्मनिरपेक्षता शब्द का प्रयोग हिंदी अनुवाद में किया गया है, लेकिन व्यवहार में धर्मनिरपेक्षता प्रदर्शित करने की होड़ में अल्पसंख्यक सम्प्रदायों के संरक्षण को धर्मनिरपेक्षता के रूप में देखा जाने लगा है. येही कारण है कि कुछ राजनितिक दल मुस्लिमों, सिखों, और ऐसे ही अन्य धर्मो के प्रति अधिक नर्म रवैया अपनाने को धर्मनिरपेक्षता समझते हैं।
वास्तव में धर्मनिरपेक्षता का सही स्वरुप ये है कि सरकार के सभी कदम ऐसे हों कि उसमे किसी धर्म के प्रति उदार या अनुदार पक्ष लिया गया प्रतीत न हो.
वास्तव में धर्मनिरपेक्षता का सही स्वरुप ये है कि सरकार के सभी कदम ऐसे हों कि उसमे किसी धर्म के प्रति उदार या अनुदार पक्ष लिया गया प्रतीत न हो.
